पार्टी का इतिहास

नव जवान संघर्ष मोर्चा का गठन 28 फरवरी सन्न 2000 में इस उद्देश्य से किया गया कि युवा शक्ति संगठित होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भौगोलिक विकास एवं विकसित समाज का नव निर्माण के लिए कार्य करे | सुचना तकनीक एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी के युग में भी हमारे समाज में अनेक कुरीतियाँ व्याप्त है जैसे – अंध विश्वास, नशापान, जात-धर्म,भ्र्स्टाचार,कम उम्र में बचों की शादी, लिंग भेद के आधार पर भ्रुण हत्या अदि | सन 2000 में झारखण्ड उदय भारत देश के मानचित्र पर 28 वे राज्य के रूप में हुआ | प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण इस राज्य नागरिकों में व्याप्त अशिक्षा,बेरोजगारी का कुप्रभाव विकास पर पड़ता है और प्रगति बाधित होती है | झारखण्ड राज्य की परिकल्पना यहाँ के गरीब के गरीब लोगों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में निहित है |

नव जवान संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व फाउंडर श्री भानू प्रताप शाही के कुशल नेतृत्व में नव जवान संघर्ष मोर्चा इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करता है तथा नागरिकों को जन सुविधाएँ उपलब्ध करने के प्रति कटिबद्ध है |

नवजवान संघर्ष मार्चा को राजनैतिक दल के रूप में 30.10.2009 को मान्यता प्राप्त हुआ।

नवजवान संघर्ष मोर्चा वर्ष 2005 ई0 में विधानसभा चुनाव में भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार भाग लिया। जिसके पहले उम्मीदवार श्री भानु प्रताप शाही जी बने, और शानदार जीत भी हाशिल हुई। क्षेत्र में विकास कार्यों की झड़ी लगाते हुए नव जवान संघर्ष मोर्चा विकास पथ पर अग्रसर है। ………..

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